Latest Two Line Shayari in Hindi

बंध जाये किसी से रूह का बंधन;
तो इजहार ए मोहब्बत को अल्फ़ाज़ों की जरुरत नहीं होती!


जनाजे लौट के आते, तो उनको सबूत मिल जाते;
जांबाज लौट के आ गये, ये क्या बदकिस्मती हो गयी!


इतना शौंक मत रखो इन इश्क की गलियों में जाने का;
क़सम से रास्ता जाने का है आने का नहीं!


एक बार उसने कहा था मेरे सिवा किसी से प्यार ना करना;
बस फिर क्या था तब से मोहब्बत की नजर से हमने खुद को भी नहीं देखा!


ऐ मेरा जनाज़ा उठाने वालो, देखना कोई बेवफा पास न हो;
अगर हो तो उस से कहना, आज तो खुशी का मौका है, उदास न हो!


तूने फूँकों से हटाए हैं पहाड़ों के पहाड़;
मेरे तलवे पे लुढ़कता हुआ कंकर है ज़रा उसको हटा दे!


शतरंज खेलते रहे वो हमसे कुछ इस कदर;
कभी उनका इश्क़ मात देता तो कभी उनके लफ्ज़!


तलाश कर मेरी कमी को अपने दिल में एक बार;
दर्द हो तो समझ लेना मोहब्बत अभी बाकी है!


कमाल करते हैं हमसे जलन रखने वाले;
महफ़िलें खुद की सजाते हैं और चचेॅ हमारे करते हैं!